करोना मरीज़ो (corona patients) पर होने वाला खर्चा

जानिए कितना पैसा कोरोना टेस्ट (Corona testing)  सिस्टम में लगता है, आपकी आँखे खुली की खुली रह जाएँगी :

  • आम टेस्टिंग किट की क़ीमत है 850/-
  • मरीज़ को उसके स्थान से डॉक्टर के पास ले जाने की क़ीमत 2000/- (एक बार )
  • एक बार का टेस्ट प्रॉसेस करने की क़ीमत प्रति व्यक्ति है 3500/-
  • एक पूरा टेस्ट प्रॉसेस को करने के लिए कम से कम आठ टेस्ट किए जाते हैं
  • इसका हिसाब करें तो ये बनता है  :  8 X 3500 =  28000/-

 

  • उस मरीज़ पर और तरह के ख़र्चे का आँकलन करने के लिए नीचे पढ़ें
    • बिस्तर का रोज़ का ख़र्च  1000/-
    • तीन बार का भोजन (नाश्ता और दिन तथा रात का खाना ) 150/-
    • दवाइयाँ आती हैं  500/- में
    • डॉक्टर के फ़ीस होती है रोज़ के 1000/-
    • तीन PPE किट्स डाक्टर् के लिए 24 घंटे  3000/-
    • टोटल ख़र्च (1000 + 150 + 500 + 1000 + 3000 ) = 5650/-
  • एक आदमी चौदह दिनों के लिए क्वॉरंटीन किया जाता है।
  • तो अगर अब हिसाब लगाएँ तो  ये राशि बनती है  14 X 5650= 79100

अब पूरे सिस्टम का हिसाब लगाएँ :

ऐम्ब्युलन्स चार्ज  + टेस्टिंग  + रहने का ख़र्च  (2000+ 28000+ 79100)  =

एक मरीज़ पर होने वाला ख़र्च       109100/-

कोरोना मरीज़ों की संख्या आज  7th   मई तक  है 52,987 

इसलिए मरीज़ों पर होने वाला ख़र्च   52,987  X  109100 =   578,08,81,700/-

 सूत्रों की जानकारी से क़रीब  दस लाख लोगों पर टेस्टिंग की जा चुकी है।

उनपर हुए ख़र्च  @ 3500/- के हिसाब से  10,00,000 X 3500 = 350,00,00,000/-

भारत में अब तक हुए कोरोना पर सारे ख़र्चे(578,08,81,700 + 350,00,00,000)  = 928,08,81,700

                                    यानी क़रीब 928 करोड़ रुपए 

इन ख़र्चों में अभी कई ख़र्चों को शामिल भी नहीं किया गया है ये कौन से ख़र्चे हैं उनकी लिस्ट नीचे दी गयी है

  • सेनिटाइजर की ख़रीद
  • वेंटिलेटर की ख़रीद
  • नर्सिंग और सफ़ाई कर्मियों पर होने वाले ख़र्च
  • लोगों को क्वॉरंटीन करने कराने में आने वाले तमाम ख़र्च
  • मास्क का इंतज़ाम करना और बाँटने का ख़र्च

इसके अलावा सरकारी तंत्र कई और सेक्टर में ख़ासा ज़रूरी ख़र्चे कर रहा है। उनकी लिस्ट भी देख लें :

  • ग़रीबों के खातों में डाइरेक्ट पैसे भेजना
  • मुफ़्त के राशन बाँटना
  • मरीज़ों को एक स्थान से दूसरे जगह ज़रूरत के हिसाब से ले जाना
  • कोरोना से लड़ने वाले टास्क फ़ोर्स के लिए सैलरी की व्यवस्था करना
  • कोरोना के बारे में लोगों को समय समय पर जानकारी उपलब्ध करना

ये खर्चा सरकार के द्वारा किया जाता है । आज के इन हालातों में हम सब को संभल कर चलना है ख़ुद का और दूसरों का पूरा पूरा ध्यान रखना है जिनको मदद की ज़रूरत है उनको अपनी हासियत के हिसाब से मदद करनाअब यही ज़िंदगी जीने का आज का तरीक़ा है और हम सब को इसका सही ढंग से पालन करते रहना चाहिए।

आइए इस संकट के समय सरकार और जरुरत मंद लोगो  की मदद करें ।


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