Horoscope of 2019 – 2020 from Hindu Calendar (April 2019 – March 2020)

मेष :- राशिवालों का वर्ष उत्तरार्ध में अच्छा रहेगा । नवम स्थान में गुरू यश – कीर्ति तथा धन में वृद्धि कारक है । नवीन कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी , परन्तु अत्यधिक पराक्रम की आवश्यकता पड़ेगी , जिसके चलते आर्थिक तथा मानसिक कष्ट होंगे । संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा । राज्यपक्ष से सम्मान एवं पदोन्नति मिलेगी । ३ , ६ तथा ११वें माह में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे । शनि और केतु का जपदान तथा हनुमान जी की आराधना से अशुभ फलों में न्यूनता आयेगी ।

वृष :- राशिवालों का वर्ष शनि के प्रभाव से ग्रसित रहेगा | आर्थिक मानसिक तथा शारीरिक कष्ट होने के बाबजूद नये कार्यो में निवेश शुभप्रद रहेंगे । संतान सुख की प्राप्ति अथः समाचार मिलेंगे । धनागम के श्रोत्र अवरूध ) ४ , ७ और १२वें मास शुभफलप्रद । राहु , केत तथा शनि का जपदान तथा शिवाराधनादि करना श्रेयष्कर रहेगा ।

मिथुन:- राशिवालों का पूर्वार्ध अच्छा रहेगा । न्यायालय में पुराने रुके हुए चल अचल सम्पत्ति विवाद सफल होंगे । स्वास्थ्य की दर्ष्टि वर्ष सामान्य है । भूमि अथवा भवन में निवेश करना चा रहेगा | धनागम के नये श्रोत्र मिलेंगे । यश कीर्ति में वृद्धि । माघ मास से शनि के प्रभाव में मानसिक कष्ट । १ , ५ एवं वै मास में महत्वपर्ण कार्यो को पूर्ण करें । राहु , केतु , शनि और गुरू का जपदान शुभफलप्रद रहे ।

कर्क :- राशिवालों का वर्ष मिश्रित फलदायक है । शत्र प्रभावी होंगे और स्वतः ही समाप्त हो जायेंगे । तीर्थ यात्रा के संयोग बनेंगे । वर्ष के पूर्वार्ध में चल – अचल सम्पति में निवेश ठीक रहेगा । कहीं से अकस्मात धनलाभ होगा । विभिन्न प्रकार की लाभ योजनायें फलीभूत होंगी । २ . ५ और ६वे मास शुभफलप्रद रहे । राहु और गुरू का जपदान करने से अशुभ फलों में न्यूनता आयेगी ।

सिंह : – राशिवालों को इस वर्ष सामान्य फलकारक है । पराकम करने पश्चात ही मनोवांछित फल की प्राप्ति संभव । पुराने रूके हुए घनकी प्राप्ति होंगे । रोजगार के नये संसाधन प्राप्त होगे | दाम्पत्य जीवन में कष्ट। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी | नौकरी में प्रोन्नति एवं स्थानान्तरण होगा। ३ , ६ और १० मास में महत्वपू कार्य करने का प्रयास करें । शनि एवं केतु का जपदान शुभ फलप्रद ।

कन्याः – राशिवालों का वर्ष शनि की ढैया से प्रभावित रहेगा । मानसिक एवं शारीरिक कष्ट । रोजगार और धन अवरोध उत्पन्न होंगे । शिक्षा के क्षेत्र में आशातीत सफलता मिलेगी । सुखसंसाधनों में व्यय से मन प्रसन्न । संतान की ओर से शुभ समाचार प्राप्त होवे । ४ , ७ तथा ११ मास अनुकूल । अशुभ फलों के निराकरण हेतु हनुमान और शिवाराधना तथा शनि, केतु तथा राहु का जपदान करें ।

तुलाः राशिवालों को वर्ष में शुभफलप्रद है। धन , विद्या तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशातीत सफलता मिलेगी । नौकरी में प्रोन्नति तथा मनोवांछित स्थानान्तरण प्राप्त होगा । धार्मिक और विदेश यात्रा भी संभव है । सम्पति आदि खरीदने के लिए कर्ज स्थिति आ सकती है । ५ , ७ और १२वें मास शुभफलप्रद है। गुरू और राहु का जपदान श्रेयस्कर रहे ।

वृश्चिक:-राशिवालों वर्ष यद्यपि शनि के प्रभाव से प्रभावित रहेगा , परन्तु वर्ष उन्नतिकारक रहेगा । प्राकर्म करने के उपरान्त मनोवांछित फल प्राप्त होगा । रुके हुए धनकी प्राप्ति एवं नये श्रोत्र उपलब्ध होंगे । दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा । न्यायालय संबंधी विवादों में कार्यसिद्धि । संतान सुख की प्राप्ति । १ ,६ तथा वें मास शुभ । शनि , राहु और केतु के जपदान से अशुभ फलों में न्यूनता ।

धनुः – राशिवालों को वर्ष शनि से प्रभावित रहेगा । आर्थिक मानसिक तथा शारीरिक कष्ट प्रायः वर्षभर रहेंगे । माता – पिता से दूरियां रहेंगी । अकारण भय सा बना रहेगा । चल – अचल सम्पति में निवेश करना अच्छा रहेगा । घर आपसी क्लेश बना रहेगा २ , ७ और वें मास में सभी महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध लेवे। गुरू , शनि ,राहु और केतु का जपदान तथा शिवजी हनुमानजी की आराधना से अशुभ फलों न्यूनता आयेगी।

मकर: – राशिवालों का वर्ष शनि से प्रभावित रहेगा । अत्यधिक शारीरिक कष्ट के बाबजूद परिणाम सुखद होंगे । घर पर मंगल एवं उत्सव होंगे । शत्रु अथवा प्रतिद्वन्दी प्रभावी होंगे । दुर्घटनादि से सावधानी अपेक्षित है । कर्ज देने से बचे । ३ , ८, १०वें मास में सभी जरूरी कार्य पूरे कर लेने चाहिये । गुरू , शनि और केतु के जपदान से अशुभ फल में कमी अपेक्षित ।

कुम्भः – राशिवालों के वर्ष का पूर्वार्थ अच्छा परिणाम देगा । रोजगार की दिशा में किया कार्य फलीभूत होगा । चल – अचल सम्पति में किया गया निवेश शुभ रहेगा । शनि के राशि परिवर्तन के बाद थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । ३ , ८ और १०वें मास में शुभफलप्रद हैं । हनुमान जी की आराधना तथा राहु के जपदान से अशुभ परिणामों का निराकरण सम्भव ।

मीनः – राशिवालों का यह वर्ष शुभफलप्रद रहेगा । घर पर मंगल कार्य सम्पन्न होंगे । दोस्तों अथवा रिश्तेदारों में धन सम्पति को लेकर आपसी विवाद । दाम्पत्य जीवन सुखी । वाहन खरीदने के लिये समय उपयुक्त । धनागम के नये नये अवसर प्रभावी होंगे । ४ , ६ तथा ११वें माह में सभी महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध कर लेने चाहिये । गुरू , शनि , राहु एवं केतु के जपदान से अशुभ फलों में न्यूनता ।