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काम या सिर्फ नाम, क्या होगा जनता का फैसला?

Kam ya sirf naam

काम या सिर्फ नाम, क्या होगा जनता का फैसला?

2014 के चुनाव में अंधाधुंध प्रचार, एनर्जी, गुजरात में हुए अपने काम और चुनावी वादों की बदौलत मोदी सरकार विपक्ष को मात देने में सफल रही थी. मोदी की लहर में उनके सामने खड़े नेताओं की तो जमानत तक जब्त हो गई थी. सच में 2014 का चुनाव बहुत ही यादगार चुनाव था. हर जगह बस “अबकी बार-मोदी सरकार” के नारे गूंज रहे थे. पूरा चुनाव भगवा रंग में रंग चुका था.

चारों तरफ मोदी के नाम का शोर था. उस चुनाव में ऐसा लग रहा था की जैसे हम किसी पार्टी को नहीं बल्कि एक ही आदमी को वोट दे रहे है और वो ही हमारा कर्ता-धर्ता है. लोगों ने मोदी पर भरोसा करके उन्हें बहुमत दिलाया क्योंकि लोगों को एक सच्चा और काम करने वाला नेता चाहिए था. मोदी की काबिलियत और अगुवाई में भाजपा ने बहुमत हासिल कर लिया था.

अब 2019 के चुनाव में मोदी के पांच साल पुरे हो रहे है. क्या इस बार भी मोदी का नाम ही चलेगा या उनके काम की वजह से जनता उन्हें फिर से चुनेगी? आईये जानते है की मोदी ने कौन-कौनसे वादे बखूबी निभाये जिनकी वजह से जनता इस बार शायद उन्हें उनके नाम से नहीं बल्कि काम की वजह से चुन ले. हालाँकि जनता का क्या फैसला होता है यह तो वक्त बताएगा.

मोदी के काम जिनकी वजह से जनता उन्हें फिर से मौका दे सकती है
1. स्वच्छ भारत अभियान
मोदी ने शुरुआत से स्वच्छ भारत (Clean India) का नारा दिया था . इस मिशन के तहत केंद्र सरकार का लक्ष्य 2019 तक 10 करोड़ शौचालय बनाने का था. आज से चार साल पहले भारत में 10 में से सिर्फ 4 घरों में शौचालय थे लेकिन इस मिशन के बाद से अब 10 में से 6 से अधिक घरों में शौचालय है. अब तक करीब 4 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हो चुका है. सर्वे में भी लोगों ने माना है की उनका क्षेत्र पहले की तुलना में काफी स्वच्छ हुआ है.

2. सर्जिकल स्ट्राइक
इसे मोदी सरकार की सबसे बड़ी जीत कह सकते है. मोदी ने अपने चुनावी वादों में घर में घुसकर मारने को कहा भी था और उसे कर भी दिखाया. 28 सितम्बर 2016 को दुनिया का आधा हिस्सा सोया था तब भारतीय सेना की स्पेशल फ़ोर्स पाकिस्तान की आतंकी सीमाओं में घुसकर उन्हें मुहंतोड़ जवाब दे रही थी.
सर्जिकल स्ट्राइक के द्वारा भारत ने पाकिस्तान को यह बता दिया की भारत प्यार के साथ-साथ बदला लेने में भी किसी से कम नहीं है. भारत पारम्परिक लड़ाई के साथ-साथ मॉडर्न लड़ाई को भी अच्छे से जानता है. इस सर्जिकल स्ट्राइक की वजह से भारत ने दुनिया के सामने अपनी ताकत की एक मिसाल कायम की थी जिसने यह सन्देश दिया था की आतंकवाद किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं होगा.

3. विदेशों में भारत का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा
मोदी ऐसे पहले नेता है जिन्होंने सबसे ज्यादा विदेशी यात्राएँ की और विदेशों में भारत का नाम रोशन किया. मोदी ने यह साबित कर दिया की भारत किसी भी चीज में पीछे नहीं है बस एक बार मौका देकर तो दीजिये. मोदी ने आतंकवाद की लड़ाई में इजराइल को साथ में लिया तो ऐतिहासिक संबधो के लिए फिलिस्तीन का साथ भी दिया. मोदी के लिए कई देशों के प्रधानमन्त्री और राष्ट्रपति ने ना सिर्फ़ अपना प्रोटोकॉल तोडा बल्कि भारत के तिरंगे को बखूबी सम्मान दिया.

4. योग को दुनिया में फैलाया
मोदी ने 21 जून को “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में घोषित कर दिया. सबसे ख़ास बात यह है की इस बात का समर्थन 193 देशों में से 175 देशों ने किया. मोदी ने ना सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी योग का परचम लहराया.

5. तीन तलाक
मुस्लिम रीती रिवाजों के अनुसार पहले कोई भी तीन तलाक कहकर अपनी पत्नी से छुटकारा पा सकता था. मुस्लिम ओरतें अक्सर तलाक के भी में जीती रही. ऐसी स्थति को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह राय रखी की भारत जैसे आधुनिक देश में ऐसे हालात की कल्पना नहीं की जा सकती जो किसी समुदाय की आधी आबादी को डर में जीने पर मजबूर कर दे. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैरक़ानूनी ठहरा दिया था. इसकी वजह से मुस्लिम ओरते मोदी की कायल हो गई थी.

6. भ्रष्टाचार से मुक्ति
मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में अब तक भ्रष्टाचार की कोई खरब नहीं आई है. पिछली सरकार में 2G घोटाला, कोयला घोटाला, चारा घोटाला, कोमनवेल्थ घोटाला, आदर्श स्कैम आदि थे तो वहीँ भाजपा सरकार में अब तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला नहीं आया है. हालाँकि राज्य सरकार पर घोटालों के आरोप लगे है लेकिन अभी तक कोई भी आरोप सिद्द नहीं हुआ है और केंद्र पर एक भी आरोप नहीं है.

7. एक भी छुट्टी नहीं
मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमन्त्री है जिन्हों आज तक एक भी छुट्टी नहीं ली और दिन में 18 घंटे तक काम किया है. यह उनकी खूबी को बताता है की कैसे मोदी सिर्फ नाम से नहीं बल्कि अपने काम के लिए जाने जाते है.

8. जन-धन योजना
प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वन्त्रता दिवस पर जन-धन योजना की घोषणा की थी. इस योजना का मकसद देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना था. इस योजना के तहत 30 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को फायदा मिला था. जन-धन योजना आर्थिक जगत की सबसे बड़ी योजना है. इस योजना ने एक सप्ताह में 1,80,96,130 करोड़ बैंक खाते खोलने का गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.

9. GST (Goods Service Tax)
GST का मतलब है एक देश, एक टैक्स. इस सिस्टम के तहत हर वस्तु पर अलग-अलग टैक्स नहीं देना होगा बल्कि पुरे देश में एक ही टैक्स लगेगा. इसे लागू करने के लिए पहले की सरकार प्रयास कर रही थी लेकिन मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को संसद के सेंट्रल होल में आधी रात को विशेष सत्र में इसे शुरू कर दिया.

10. उज्ज्वल योजना
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जिन लोगों के पास गैस कनेक्शन तक नहीं था उन्हें इस योजना के तहत फ्री में गैस कनेक्शन मिला. इस योजना के तहत BPL राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में सिलेंडर दिया जाता है. सरकारी आंकड़ो के अनुसार अब तक इसके 3 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी है.
इसके अलावा मेक इन इंडिया, नोटबंदी, मुद्रा लोन योजना, उड़ान, पहल योजना, सब्सिडी, पारदर्शिता, डिजिटल युग, कौशल विकास जैसी कई योजनायें मोदी सरकार के कार्यकाल में शुरू हुयी. इन सब काम को देखते हुए लगता है इस बार भी जनता अपना फैसला दोहरा सकती है. देखना यह है की इस बार चुनावी रणनीति क्या होती है और कौन फिर से जीत का बिगुल बजाता है. आपके मन में कोई जिज्ञासा है, या कोई सवाल-जवाब है तो आप कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख सकते है.

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